जैन तीरà¥à¤¥à¤‚करों का परिचय
जैन धरà¥à¤® के 24 तीरà¥à¤¥à¤‚कर है। इसमें से पà¥à¤°à¤¥à¤® तथा अंतिम चार तीरà¥à¤¥à¤‚करों के बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› पढ़ने को मिलता है किंतॠउकà¥à¤¤ के बीच के तीरà¥à¤¥à¤‚करों के बारे में कम ही जानकारी मिलती हैं। निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ ही जैन शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में इनके बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› लिखा होगा, लेकिन आम जनता उनके बारे में कम ही जानती है। यहाठपà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ है à¤à¤• से बारह तक के तीरà¥à¤¥à¤‚करों का सामानà¥à¤¯ परिचय।
(1) आदिनाथ : पà¥à¤°à¤¥à¤® तीरà¥à¤¥à¤‚कर आदिनाथ को ऋषà¤à¤¨à¤¾à¤¥ à¤à¥€ कहा जाता है और हिंदू इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वृषà¤à¤¨à¤¾à¤¥ कहते हैं। आपके पिता का नाम राजा नाà¤à¤¿à¤°à¤¾à¤œ था और माता का नाम मरà¥à¤¦à¥‡à¤µà¥€ था। आपका जनà¥à¤® चैतà¥à¤° कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€-नवमी को अयोधà¥à¤¯à¤¾ में हà¥à¤†à¥¤ चैतà¥à¤° माह के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ के दिन आपको कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ कैलाश परà¥à¤µà¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के अषà¥à¤Ÿà¤ªà¤¦ में आपको माघ कृषà¥à¤£-14 को निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- बैल, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- नà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¥‹à¤§, यकà¥à¤·- गोवदनल, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- चकà¥à¤°à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥€ हैं।
(2) अजीतनाथजी : दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ तीरà¥à¤¥à¤‚कर अजीतनाथजी की माता का नाम विजया और पिता का नाम जितशतà¥à¤°à¥ था। आपका जनà¥à¤® माघ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की दशमी को अयोधà¥à¤¯à¤¾ में हà¥à¤† था। माघ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की नवमी को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा पौष शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•ादशी को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² की पंचमी को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- गज, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- सपà¥à¤¤à¤ªà¤°à¥à¤£, यकà¥à¤·- महायकà¥à¤·, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- रोहिणी है।
(3) समà¥à¤à¤µà¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ : तृतीय तीरà¥à¤¥à¤‚कर समà¥à¤à¤µà¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ की माता का नाम सà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ और पिता का नाम जितारी है। समà¥à¤à¤µà¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ का जनà¥à¤® मारà¥à¤—शीरà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¤à¥€ में हà¥à¤† था। मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ के दिन आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा कठोर तपसà¥à¤¯à¤¾ के बाद कारà¥à¤¤à¤¿à¤• कृषà¥à¤£ की पंचमी को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पंचमी को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर आपको निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- अशà¥à¤µ, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- शाल, यकà¥à¤·- तà¥à¤°à¤¿à¤®à¥à¤–, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- पà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤ªà¥à¤¤à¤¿à¥¤
(4) अà¤à¤¿à¤¨à¤‚दनजी : चतà¥à¤°à¥à¤¥ तीरà¥à¤¥à¤‚कर अà¤à¤¿à¤¨à¤‚दनजी की माता का नाम सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¾ देवी और पिता का नाम सनà¥à¤µà¤° (समà¥à¤µà¤° या संवरा राज) है। आपका जनà¥à¤® माघ शà¥à¤•à¥à¤² की बारस को अयोधà¥à¤¯à¤¾ में हà¥à¤†à¥¤ माघ शà¥à¤•à¥à¤² की बारस को ही आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा कठोर तप के बाद पौष शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ बैशाख शà¥à¤•à¥à¤² की छटमी या सपà¥à¤¤à¤®à¥€ के दिन समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर आपको निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- बंदर, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- सरल, यकà¥à¤·- यकà¥à¤·à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- वà¥à¤°à¤œà¤¶à¥à¤°à¥ƒà¤‚खला है।
(5) सà¥à¤®à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ : पाà¤à¤šà¤µà¥‡à¤‚ तीरà¥à¤¥à¤‚कर सà¥à¤®à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ के पिता का नाम मेघरथ या मेघपà¥à¤°à¤ तथा माता का नाम सà¥à¤®à¤‚गला था। बैशाख शà¥à¤•à¥à¤² की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को साकेतपà¥à¤°à¥€ (अयोधà¥à¤¯à¤¾) में आपका जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ कà¥à¤› विदà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका जनà¥à¤® चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² की à¤à¤•ादशी को हà¥à¤† था। बैशाख शà¥à¤•à¥à¤² की नवमी के दिन आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•ादशी को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² की à¤à¤•ादशी को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर आपको निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- चकवा, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚गà¥, यकà¥à¤·- तà¥à¤®à¥à¤¬à¥à¤°à¤µ, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- वजà¥à¤°à¤¾à¤‚कà¥à¤¶à¤¾ है।
(6) पदà¥à¤®à¤®à¤ªà¥à¤°à¤à¥à¤œà¥€ : छठवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर पदà¥à¤®à¤ªà¥à¤°à¤à¥à¤œà¥€ के पिता का नाम धरण राज और माता का नाम सà¥à¤¸à¥€à¤®à¤¾ देवी था। कारà¥à¤¤à¤¿à¤• कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¶à¥€ को आपका जनà¥à¤® वतà¥à¤¸ कौशामà¥à¤¬à¥€ में हà¥à¤†à¥¤ कारà¥à¤¤à¤¿à¤• कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ के दिन आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- कमल, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚गà¥, यकà¥à¤·-मातंग, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- अपà¥à¤°à¤¤à¤¿ चकà¥à¤°à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°à¥€ है।
(7) सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤¶à¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ : सातवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥à¤¶à¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ के पिता का नाम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¸à¥‡à¤¨ तथा माता का नाम पृथà¥à¤µà¥€ देवी था। आपका जनà¥à¤® वाराणसी में जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की बारस को हà¥à¤† था। जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की सपà¥à¤¤à¤®à¤¿ आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की सपà¥à¤¤à¤®à¥€ के दिन आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤•, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- शिरीष, यकà¥à¤·- विजय, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- पà¥à¤°à¥à¤·à¤¦à¤¤à¥à¤¤à¤¾ है।
(8) चंदà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤à¥ : आठवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर चंदà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤à¥ के पिता का नाम राजा महासेन तथा माता का नाम सà¥à¤²à¤•à¥à¤·à¤£à¤¾ था। आपका जनà¥à¤® पौष कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की बारस के दिन चंदà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¥€ में हà¥à¤†à¥¤ पौष कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· सात को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ à¤à¤¾à¤¦à¥à¤°à¤ªà¤¦ के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की सपà¥à¤¤à¤®à¥€ को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- अरà¥à¤¦à¥à¤§à¤šà¤‚दà¥à¤°, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- नागवृकà¥à¤·, यकà¥à¤·- अजित, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- मनोवेगा है।
(9) सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥ : नवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¦à¤‚त को सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥ à¤à¥€ कहा जाता है। आपके पिता का नाम राजा सà¥à¤—à¥à¤°à¥€à¤µ राज तथा माता का नाम रमा रानी था, जो इकà¥à¤·à¥à¤µà¤¾à¤•ू वंश से थी। मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की पंचमी को काकांदी में आपका जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के कषà¥à¤£à¤ªà¤•à¥à¤· की छट (6) को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा कारà¥à¤¤à¤¿à¤• कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तृतीय (3) को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर में कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ à¤à¤¾à¤¦à¥à¤° के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की नवमी को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- मकर, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- अकà¥à¤· (बहेड़ा), यकà¥à¤·- बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- काली है।
(10) शीतलनाथ : दसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर शीतलनाथ के पिता का नाम दृढ़रथ (Dridharatha) और माता का नाम सà¥à¤¨à¤‚दा था। आपका जनà¥à¤® माघ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¶à¥€ (12) को बदà¥à¤§à¤¿à¤²à¤ªà¥à¤° (Baddhilpur) में हà¥à¤†à¥¤ मघा कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¶à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा पौष कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ (14) को आपको कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ बैशाख के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दूज को आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- कलà¥à¤ªà¤¤à¤°à¥, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- धूलि (मालिवृकà¥à¤·), यकà¥à¤·- बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¥‡à¤¶à¥à¤µà¤°, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- जà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤²à¤¿à¤¨à¥€ है।
(11) शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¾à¤‚सनाथजी : गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹à¤µà¥‡à¤‚ तीरà¥à¤¥à¤‚कर शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¾à¤‚सनाथजी की माता का नाम विषà¥à¤£à¥à¤¶à¥à¤°à¥€ या वेणà¥à¤¶à¥à¤°à¥€ था और पिता का नाम विषà¥à¤£à¥à¤°à¤¾à¤œà¥¤ सिंहपà¥à¤°à¥€ नामक सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर फागà¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¸ को आपका जनà¥à¤® हà¥à¤†à¥¤ शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर (शिखरजी) पर आपको निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- गेंडा, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- पलाश, यकà¥à¤·- कà¥à¤®à¤¾à¤°, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- महाकाली है।
(12) वसà¥à¤ªà¥‚जà¥à¤¯ : बारहवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर वासà¥à¤ªà¥‚जà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¥ के पिता का नाम वसà¥à¤ªà¥‚जà¥à¤¯ (Vasupujya) और माता का नाम विजया था। आपका जनà¥à¤® फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ (14) को चंपापà¥à¤°à¥€ में हà¥à¤† था। फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अमावसà¥à¤¯à¤¾ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा मघा की दूज (2) को कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ आषाड़ के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को चंपा में आपको निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- à¤à¥ˆà¤‚सा, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- तेंदू, यकà¥à¤·- षणमà¥à¤–, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- गौरी है।
(13) विमलनाथ : तेरहवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर विमलनाथ के पिता का नाम कृतरà¥à¤µà¥‡à¤® (Kritaverma) तथा माता का नाम शà¥à¤¯à¤¾à¤® देवी (सà¥à¤°à¤®à¥à¤¯) था। आपका जनà¥à¤® मघा शà¥à¤•à¥à¤² तीज को कपिलपà¥à¤° में हà¥à¤† था। मघा शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की तीज को ही आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा पौष शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की षषà¥à¤ ी के दिन कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ आषाढ़ शà¥à¤•à¥à¤² की सपà¥à¤¤à¤®à¥€ के दिन शà¥à¤°à¥€ समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- शूकर, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- पाटल, यकà¥à¤·- पाताल, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- गांधारी।
(14) अनंतनाथजी : चौदहवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर अनंतनाथजी की माता का नाम सरà¥à¤µà¤¯à¤¶à¤¾ तथा पिता का नाम सिहसेन था। आपका जनà¥à¤® अयोधà¥à¤¯à¤¾ में वैशाख कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ (13) के दिन हà¥à¤†à¥¤ वैशाख कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ (14) को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा कठोर तप के बाद वैशाख कृषà¥à¤£ की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ के दिन ही कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² की पंचमी के दिन आपको समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हआ। जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- सेही, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- पीपल, यकà¥à¤·- किनà¥à¤¨à¤°, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- वैरोटी है।
(15) धरà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤¥ : पंदà¥à¤°à¤¹à¤µà¥‡à¤‚ तीरà¥à¤¥à¤‚कर शà¥à¤°à¥€ धरà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤¥ के पिता का नाम à¤à¤¾à¤¨à¥ और माता का नाम सà¥à¤µà¥à¤°à¤¤ था। आपका जनà¥à¤® मघा शà¥à¤•à¥à¤² की तृतीया (3) को रतà¥à¤¨à¤¾à¤ªà¥à¤° में हà¥à¤† था। मघा शà¥à¤•à¥à¤² की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा पौष की पूरà¥à¤£à¤¿à¤®à¤¾ के दिन आपको कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की पंचमी को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- वजà¥à¤°, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- दधिपरà¥à¤£, यकà¥à¤·- किंपà¥à¤°à¥à¤·, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- सोलसा।
(16) शांतिनाथ : जैन धरà¥à¤® के सोलहवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर शांतिनाथ का जनà¥à¤® जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को हसà¥à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤ªà¥à¤° में इकà¥à¤·à¥à¤µà¤¾à¤•ू कà¥à¤² में हà¥à¤†à¥¤ शांतिनाथ के पिता हसà¥à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤ªà¥à¤° के राजा विशà¥à¤µà¤¸à¥‡à¤¨ थे और माता का नाम आरà¥à¤¯à¤¾ (अचीरा) था। आपने जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ माह के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा पौष शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की नवमी के दिन आपको कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- हिरण, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·-नंदी, यकà¥à¤·- गरà¥à¤¢à¤¼, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- अनंतमती हैं।
(17) कà¥à¤‚थà¥à¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ : सतà¥à¤°à¤¹à¤µà¥‡à¤‚ तीरà¥à¤¥à¤‚कर कà¥à¤‚थà¥à¤¨à¤¾à¤¥à¤œà¥€ की माता का नाम शà¥à¤°à¥€à¤•ांता देवी (शà¥à¤°à¥€à¤¦à¥‡à¤µà¥€) और पिता का नाम राजा सूरà¥à¤¯à¤¸à¥‡à¤¨ था। आपका जनà¥à¤® वैशाख कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¥€ को हसà¥à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤ªà¥à¤° में हà¥à¤† था। वैशाख कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की पंचमी के दिन दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की पंचमी को कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ वैशाख शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•म के दिन समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- छाग, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- तिलक, यकà¥à¤·- गंधरà¥à¤µ, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- मानसी है।
(18) अरहनाथजी : अठारहवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर अरहनाथजी या अर पà¥à¤°à¤à¥ के पिता का नाम सà¥à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ और माता का नाम मितà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤¨ देवी था। आपका जनà¥à¤® मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की दशमी के दिन हसà¥à¤¤à¤¿à¤¨à¤¾à¤ªà¥à¤° में हà¥à¤†à¥¤ मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¸ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा कारà¥à¤¤à¤¿à¤• कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की बारस को कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ मारà¥à¤—शीरà¥à¤· की दशमी के दिन समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- तगरकà¥à¤¸à¥à¤® (मतà¥à¤¸à¥à¤¯), चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- आमà¥à¤°, यकà¥à¤·- कà¥à¤¬à¥‡à¤°, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- महामानसी है।
(19) मलà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥ : उनà¥à¤¨à¥€à¤¸à¤µà¥‡à¤‚ तीरà¥à¤¥à¤‚कर मलà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¾à¤¥ के पिता का नाम कà¥à¤‚à¤à¤°à¤¾à¤œ और माता का नाम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¤à¥€ (रकà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¾) था। मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¸ को आपका जनà¥à¤® मिथिला में हà¥à¤† था। मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•ादशी को दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा इसी माह की तिथि को कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ हà¥à¤ˆà¥¤ फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की बारस को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- कलश, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- कंकेली (अशोक), यकà¥à¤·- वरà¥à¤£, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- जया है।
(20) मà¥à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤µà¥à¤°à¤¤à¤¨à¤¾à¤¥ : बीसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर मà¥à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤µà¥à¤°à¤¤à¤¨à¤¾à¤¥ के पिता का नाम सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤° तथा माता का नाम पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¤à¥€ था। आपका जनà¥à¤® जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की आठम को राजगढ़ में हà¥à¤† था। फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की बारस को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा फालà¥à¤—à¥à¤¨ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की बारस को ही कैवलà¥à¤¯ जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की नवमी को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- कूरà¥à¤®, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- चंपक, यकà¥à¤·- à¤à¥ƒà¤•à¥à¤Ÿà¤¿, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- विजया।
(21) नमिनाथ : इकà¥à¤•ीसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर नमिनाथ के पिता का नाम विजय और माता का नाम सà¥à¤à¤¦à¥à¤°à¤¾ (सà¥à¤à¥à¤°à¤¦à¤¾-वपà¥à¤°)था। आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ मिथिला के राजा थे। आपका जनà¥à¤® इकà¥à¤·à¥à¤µà¤¾à¤•ू कà¥à¤² में शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को मिथिलापà¥à¤°à¥€ में हà¥à¤† था। आषाढ़ मास के शà¥à¤•à¥à¤² की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा मारà¥à¤—शीरà¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•ादशी को कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ वैशाख कृषà¥à¤£ की दशमी को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- उतà¥à¤ªà¤², चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- बकà¥à¤², यकà¥à¤·- गोमेध, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- अपराजिता।
(22) नेमिनाथ : बावीसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर नेमिनाथ के पिता का नाम राजा समà¥à¤¦à¥à¤°à¤µà¤¿à¤œà¤¯ और माता का नाम शिवादेवी था। आपका जनà¥à¤® शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की पंचमी को शौरपà¥à¤°à¥€ (मथà¥à¤°à¤¾) में यादववंश में हà¥à¤† था। शौरपà¥à¤°à¥€ (मथà¥à¤°à¤¾) के यादववंशी राजा अंधकवृषà¥à¤£à¥€ के जà¥à¤¯à¥‡à¤·à¥à¤ पà¥à¤¤à¥à¤° समà¥à¤¦à¥à¤°à¤µà¤¿à¤œà¤¯ के पà¥à¤¤à¥à¤° थे नेमिनाथ। अंधकवृषà¥à¤£à¥€ के सबसे छोटे पà¥à¤¤à¥à¤° वासà¥à¤¦à¥‡à¤µ से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£à¥¤ इस पà¥à¤°à¤•ार नेमिनाथ और शà¥à¤°à¥€à¤•ृषà¥à¤£ दोनों चचेरे à¤à¤¾à¤ˆ थे। शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की षषà¥à¤ ी को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा आषाढ़ मास के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अमावसà¥à¤¯à¤¾ को गिरनार परà¥à¤µà¤¤ पर कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ आषाढ़ शà¥à¤•à¥à¤² की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को आपको उजà¥à¤œà¥ˆà¤¨ या गिरनार पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- शंख, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- मेषशà¥à¤°à¥ƒà¤‚ग, यकà¥à¤·- पारà¥à¤¶à¥à¤µ, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- बहà¥à¤°à¥‚पिणी।
(23) पारà¥à¤¶à¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ : तेवीसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर पारà¥à¤¶à¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ के पिता का नाम राजा अशà¥à¤µà¤¸à¥‡à¤¨ तथा माता का नाम वामा था। आपका जनà¥à¤® पौष कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दशमी को वाराणसी (काशी) में हà¥à¤† था। चैतà¥à¤° कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¥à¥€ को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा चैतà¥à¤° कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की चतà¥à¤°à¥à¤¥à¥€ को ही कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ शà¥à¤•à¥à¤² की अषà¥à¤Ÿà¤®à¥€ को समà¥à¤®à¥‡à¤¦ शिखर पर निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- सरà¥à¤ª, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- धव, यकà¥à¤·- मातंग, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- कà¥à¤·à¥à¤®à¤¾à¤¡à¥€à¥¤
(24) महावीर : चौबीसवें तीरà¥à¤¥à¤‚कर à¤à¤—वान महावीर सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ का जनà¥à¤® नाम वरà¥à¤§à¤®à¤¾à¤¨, पिता का नाम सिदà¥à¤§à¤¾à¤°à¥à¤¥ तथा माता का नाम तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤²à¤¾ (पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚कारिनी) था। आपका जनà¥à¤® चैतà¥à¤° शà¥à¤•à¥à¤² की तà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤¦à¤¶à¥€ के दिन कà¥à¤‚डलपà¥à¤° में हà¥à¤† था। मारà¥à¤—शीरà¥à¤· कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की दशमी को आपने दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की तथा वैशाख शà¥à¤•à¥à¤² की दशमी के दिन कैवलà¥à¤¯ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हà¥à¤ˆà¥¤ 42 वरà¥à¤· तक आपने साधक जीवन बिताया। कारà¥à¤¤à¤¿à¤• माह के कृषà¥à¤£ पकà¥à¤· की अमावसà¥à¤¯à¤¾ के दिन आपको पावापà¥à¤°à¥€ पर 72 वरà¥à¤· में निरà¥à¤µà¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ जैन धरà¥à¤®à¤¾à¤µà¤²à¤‚बियों अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपका पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• चिहà¥à¤¨- सिंह, चैतà¥à¤¯à¤µà¥ƒà¤•à¥à¤·- शाल, यकà¥à¤·- गà¥à¤¹à¥à¤®à¤•, यकà¥à¤·à¤¿à¤£à¥€- पदà¥à¤®à¤¾ सिदà¥à¤§à¤¾à¤¯à¤¿à¤¨à¥€à¥¤
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