परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾: समृदà¥à¤§à¤¿ और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की दिशा
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
आज के बदलते सामाजिक और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• परिवेश में “परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾” à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विषय बनकर उà¤à¤°à¤¾ है। यह केवल आय अरà¥à¤œà¤¨ तक सीमित नहीं है, बलà¥à¤•ि आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨, निरà¥à¤£à¤¯ लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और जीवन की सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। जब परिवार का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सदसà¥à¤¯ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होता है, तो पूरा परिवार अधिक मजबूत, आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बनता है।
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥
परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सकà¥à¤·à¤® सदसà¥à¤¯ अपनी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आय अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® हो। इसमें पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के साथ-साथ महिलाओं, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं और यहां तक कि वरिषà¥à¤ ों की à¤à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤—ीदारी शामिल है। यह आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ न केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास को बढ़ावा देती है, बलà¥à¤•ि परिवार की सामूहिक पà¥à¤°à¤—ति का आधार à¤à¥€ बनती है।
महिलाओं और यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की à¤à¥‚मिका
महिलाओं की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ परिवार की मजबूती का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¤à¤‚ठहै। जब महिलाà¤à¤‚ शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होती हैं, तो वे परिवार के निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बेहतर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करती हैं।
इसी पà¥à¤°à¤•ार, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना आवशà¥à¤¯à¤• है, ताकि वे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठसे ही आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बन सकें और परिवार की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤¦à¥ƒà¤¢à¤¼ कर सकें।
संतà¥à¤²à¤¨ और सहयोग की आवशà¥à¤¯à¤•ता
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ यह नहीं कि परिवार में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ बढ़े, बलà¥à¤•ि इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सहयोग और संतà¥à¤²à¤¨ को मजबूत करना है। जब सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯ अपनी-अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं और à¤à¤•-दूसरे का सहयोग करते हैं, तो परिवार में सामंजसà¥à¤¯ बना रहता है और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दबाव कम होता है।
à¤à¤• उदाहरण
मान लीजिठà¤à¤• परिवार में पति नौकरी करता है, पतà¥à¤¨à¥€ घर के साथ-साथ छोटा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ या ऑनलाइन कारà¥à¤¯ करती है, और यà¥à¤µà¤¾ सदसà¥à¤¯ कौशल पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ लेकर रोजगार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिवार की आय के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बढ़ जाते हैं, जिससे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ आती है और किसी à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ कम हो जाती है।
पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और समाज की à¤à¥‚मिका
सरकार और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ को चाहिठकि वे कौशल विकास, महिला सशकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण और रोजगार सृजन की योजनाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से लागू करें। सà¥à¤µà¤°à¥‹à¤œà¤—ार, लघॠउदà¥à¤¯à¥‹à¤— और डिजिटल कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बढ़ावा देकर हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बनने के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजा सकते हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ केवल आरà¥à¤¥à¤¿à¤• समृदà¥à¤§à¤¿ का मारà¥à¤— नहीं, बलà¥à¤•ि सामाजिक समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ का आधार à¤à¥€ है। यह परिवार को मजबूत बनाती है और समाज को सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है।
अतः आवशà¥à¤¯à¤• है कि हम à¤à¤¸à¥€ सोच और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ विकसित करें, जिसमें परिवार का हर सदसà¥à¤¯ आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बने और मिलकर à¤à¤• सशकà¥à¤¤, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और समृदà¥à¤§ समाज का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करे।
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
Email : CAINDIA@HOTMAIL.COM
Phone : 9810046108
परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾: समृदà¥à¤§à¤¿ और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की दिशा
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
आज के बदलते सामाजिक और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• परिवेश में “परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾” à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विषय बनकर उà¤à¤°à¤¾ है। यह केवल आय अरà¥à¤œà¤¨ तक सीमित नहीं है, बलà¥à¤•ि आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨, निरà¥à¤£à¤¯ लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और जीवन की सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। जब परिवार का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सदसà¥à¤¯ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होता है, तो पूरा परिवार अधिक मजबूत, आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बनता है।
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥
परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सकà¥à¤·à¤® सदसà¥à¤¯ अपनी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आय अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® हो। इसमें पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के साथ-साथ महिलाओं, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं और यहां तक कि वरिषà¥à¤ ों की à¤à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤—ीदारी शामिल है। यह आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ न केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास को बढ़ावा देती है, बलà¥à¤•ि परिवार की सामूहिक पà¥à¤°à¤—ति का आधार à¤à¥€ बनती है।
महिलाओं और यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की à¤à¥‚मिका
महिलाओं की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ परिवार की मजबूती का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¤à¤‚ठहै। जब महिलाà¤à¤‚ शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होती हैं, तो वे परिवार के निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बेहतर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करती हैं।
इसी पà¥à¤°à¤•ार, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना आवशà¥à¤¯à¤• है, ताकि वे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठसे ही आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बन सकें और परिवार की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤¦à¥ƒà¤¢à¤¼ कर सकें।
संतà¥à¤²à¤¨ और सहयोग की आवशà¥à¤¯à¤•ता
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ यह नहीं कि परिवार में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ बढ़े, बलà¥à¤•ि इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सहयोग और संतà¥à¤²à¤¨ को मजबूत करना है। जब सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯ अपनी-अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं और à¤à¤•-दूसरे का सहयोग करते हैं, तो परिवार में सामंजसà¥à¤¯ बना रहता है और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दबाव कम होता है।
à¤à¤• उदाहरण
मान लीजिठà¤à¤• परिवार में पति नौकरी करता है, पतà¥à¤¨à¥€ घर के साथ-साथ छोटा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ या ऑनलाइन कारà¥à¤¯ करती है, और यà¥à¤µà¤¾ सदसà¥à¤¯ कौशल पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ लेकर रोजगार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिवार की आय के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बढ़ जाते हैं, जिससे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ आती है और किसी à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ कम हो जाती है।
पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और समाज की à¤à¥‚मिका
सरकार और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ को चाहिठकि वे कौशल विकास, महिला सशकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण और रोजगार सृजन की योजनाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से लागू करें। सà¥à¤µà¤°à¥‹à¤œà¤—ार, लघॠउदà¥à¤¯à¥‹à¤— और डिजिटल कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बढ़ावा देकर हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बनने के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजा सकते हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ केवल आरà¥à¤¥à¤¿à¤• समृदà¥à¤§à¤¿ का मारà¥à¤— नहीं, बलà¥à¤•ि सामाजिक समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ का आधार à¤à¥€ है। यह परिवार को मजबूत बनाती है और समाज को सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है।
अतः आवशà¥à¤¯à¤• है कि हम à¤à¤¸à¥€ सोच और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ विकसित करें, जिसमें परिवार का हर सदसà¥à¤¯ आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बने और मिलकर à¤à¤• सशकà¥à¤¤, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और समृदà¥à¤§ समाज का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करे।
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
Email : CAINDIA@HOTMAIL.COM
Phone : 9810046108
परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾: समृदà¥à¤§à¤¿ और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की दिशा
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
आज के बदलते सामाजिक और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• परिवेश में “परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾” à¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ विषय बनकर उà¤à¤°à¤¾ है। यह केवल आय अरà¥à¤œà¤¨ तक सीमित नहीं है, बलà¥à¤•ि आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨, निरà¥à¤£à¤¯ लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और जीवन की सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ से à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। जब परिवार का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सदसà¥à¤¯ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होता है, तो पूरा परिवार अधिक मजबूत, आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥€ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बनता है।
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• अरà¥à¤¥
परिवार में आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सकà¥à¤·à¤® सदसà¥à¤¯ अपनी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ और कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आय अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करने में सकà¥à¤·à¤® हो। इसमें पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के साथ-साथ महिलाओं, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं और यहां तक कि वरिषà¥à¤ ों की à¤à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¤¾à¤—ीदारी शामिल है। यह आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ न केवल वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त विकास को बढ़ावा देती है, बलà¥à¤•ि परिवार की सामूहिक पà¥à¤°à¤—ति का आधार à¤à¥€ बनती है।
महिलाओं और यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की à¤à¥‚मिका
महिलाओं की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ परिवार की मजबूती का महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¤à¤‚ठहै। जब महिलाà¤à¤‚ शिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• रूप से सकà¥à¤·à¤® होती हैं, तो वे परिवार के निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बेहतर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करती हैं।
इसी पà¥à¤°à¤•ार, यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करना आवशà¥à¤¯à¤• है, ताकि वे पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठसे ही आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बन सकें और परिवार की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को सà¥à¤¦à¥ƒà¤¢à¤¼ कर सकें।
संतà¥à¤²à¤¨ और सहयोग की आवशà¥à¤¯à¤•ता
आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ का अरà¥à¤¥ यह नहीं कि परिवार में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ बढ़े, बलà¥à¤•ि इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ सहयोग और संतà¥à¤²à¤¨ को मजबूत करना है। जब सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯ अपनी-अपनी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं और à¤à¤•-दूसरे का सहयोग करते हैं, तो परिवार में सामंजसà¥à¤¯ बना रहता है और आरà¥à¤¥à¤¿à¤• दबाव कम होता है।
à¤à¤• उदाहरण
मान लीजिठà¤à¤• परिवार में पति नौकरी करता है, पतà¥à¤¨à¥€ घर के साथ-साथ छोटा वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ या ऑनलाइन कारà¥à¤¯ करती है, और यà¥à¤µà¤¾ सदसà¥à¤¯ कौशल पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ लेकर रोजगार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में परिवार की आय के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बढ़ जाते हैं, जिससे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ आती है और किसी à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ कम हो जाती है।
पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ और समाज की à¤à¥‚मिका
सरकार और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ को चाहिठकि वे कौशल विकास, महिला सशकà¥à¤¤à¤¿à¤•रण और रोजगार सृजन की योजनाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से लागू करें। सà¥à¤µà¤°à¥‹à¤œà¤—ार, लघॠउदà¥à¤¯à¥‹à¤— और डिजिटल कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बढ़ावा देकर हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बनने के अवसर पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किठजा सकते हैं।
निषà¥à¤•रà¥à¤·
परिवार में हर सदसà¥à¤¯ की आरà¥à¤¥à¤¿à¤• आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ केवल आरà¥à¤¥à¤¿à¤• समृदà¥à¤§à¤¿ का मारà¥à¤— नहीं, बलà¥à¤•ि सामाजिक समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ का आधार à¤à¥€ है। यह परिवार को मजबूत बनाती है और समाज को सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है।
अतः आवशà¥à¤¯à¤• है कि हम à¤à¤¸à¥€ सोच और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ विकसित करें, जिसमें परिवार का हर सदसà¥à¤¯ आतà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤à¤° बने और मिलकर à¤à¤• सशकà¥à¤¤, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और समृदà¥à¤§ समाज का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करे।
लेखक: वीरअनिल जैन, जोधपà¥à¤°
Email : CAINDIA@HOTMAIL.COM
Phone : 9810046108